पत्रकारों के बाद अब दिल्ली-नोएडा बॉर्डर पर एम्स के डॉक्टरों को रोके जाने पर शुक्रवार को काफी देर हंगामा चलता रहा। इस दौरान मेडिकल टीम की एक वीडियो सोशल मीडिया पर भी काफी वायरल हुई। वहीं एम्स प्रबंधन को भी इसकी शिकायत मिली है। प्रबंधन के अनुसार एम्स के कर्मचारियों के साथ इस प्रकार का व्यवहार दुर्भाग्यपूर्ण है। गाजियाबाद और नोएडा स्थित एम्स के केंद्रों पर यह कर्मचारी दिल्ली से जाते हैं। इसे लेकर जल्द ही स्थानीय प्रशासन से शिकायत की जाएगी।
वहीं कर्मचारियों ने बताया कि पुलिस को बार बार कहने के बाद भी उन्होंने नोएडा बॉर्डर क्रॉस नहीं करने दिया। इस बीच महिला डॉक्टरों ने एम्स प्रबंधन के अधिकारियों से फोन बात करने की अपील भी की लेकिन उसे नजरंदाज कर दिया गया। काफी देर हंगामा होने के बाद मामला शांत हुआ। दिल्ली-नोेएडा बॉर्डर पर इसी तरह की सख्ती चंद रोज पहले पत्रकारों को भी झेलनी पड़ी थी।
डॉक्टर सहित 40 स्वास्थ्यकर्मी क्वारंटीन
इस बीच खबर है एम्स के गेस्ट्रोएंटोरोलॉजी विभाग से जहां एक नर्सिंग अधिकारी में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। इस अधिकारी की रिपोर्ट आते ही विभाग में इसके संपर्क में आने वाले 40 स्वास्थ्य कर्मियों ने खुद को क्वारंटीन कर लिया है। इनमें डॉक्टर, नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ तक शामिल हैं।
एम्स के अधिकारियों का कहना है कि यह कदम एहतियात के तौर पर उठाया गया है। पांच दिन बाद सभी स्वास्थ्यकर्मियों का कोरोना टेस्ट कराया जाएगा। फिलहाल इनसे और संक्रमित नर्सिंग अधिकारी के संपर्क में आने वाले लोगों की पहचान की जा रही है
सूत्रों के अनुसार नर्सिंग स्टाफ को संक्रमण कहीं बाहर से लगा है। जबकि कुछ लोग कह रहे हैं यहां कुछ दिन पहले एक मरीज भर्ती था जिसे कोरोना पॉजिटिव था, उसी से नर्सिंग अधिकारी को यह संक्रमण लगा है। हालांकि अभी इस बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है और न ही एम्स का अभी तक इस पर कोई आधिकारिक बयान आया है।